गुना। जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के समस्त कोचिंग संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्र सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा तथा अनिवार्य सुरक्षा मानकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।
बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने सभी कोचिंग संस्थानों में न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ये कैमरे पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे कनेक्ट रहेंगे। संचालकों को केवल कैमरे खरीदने होंगे, जबकि पुलिस विभाग द्वारा उनके इंस्टॉलेशन एवं मरम्मत की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीसीटीवी कैमरों से गतिविधियों की निगरानी संभव होगी तथा किसी भी आपराधिक प्रकरण की विवेचना में पुलिस को सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी संचालकों को 15 दिवस के भीतर कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि इसके बाद अभियान चलाकर नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कोचिंग संचालकों का व्हाट्सएप समूह बनाकर पुलिस द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अपर कलेक्टर अखिलेश जैन ने दिल्ली के कोचिंग बेसमेंट हादसे एवं लखनऊ की अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी से होने वाली जनहानि के प्रति आगाह किया। उन्होंने निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी, जिनमें कम से कम दो आपातकालीन निकास, खुले एवं अवरोध रहित निकास द्वार, Exit Sign, बाहर की ओर खुलने वाले दरवाजे, पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां, फायर एक्सटिंग्विशर, पानी एवं रेत की व्यवस्था, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, कार्यशील एमसीबी, ज्वलनशील सामग्री का सुरक्षित भंडारण, स्टाफ
प्रशिक्षण, असेंबली प्वाइंट, वैध फायर एनओसी, स्वीकृत भवन नक्शा तथा प्राथमिक उपचार बॉक्स जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
बैठक में बेसमेंट में कक्षाएं संचालित किए जाने, आपातकालीन नंबरों के प्रदर्शन तथा सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं 7 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा, विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित समयसीमा के बाद अभियान चलाकर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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आधार केन्द्रों की शुल्क राशि जमा नहीं करने पर 7 लोक सेवा केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी
गुना। गुना मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गुना अभिषेक दुबे द्वारा आधार केन्द्रों पर दी जाने वाली सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क समय पर जमा नहीं करने वाले जिले के 7 लोक सेवा केन्द्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार अनुपम त्रिपाठी (लोक सेवा केन्द्र, चाचौड़ा), सौरभ गुप्ता (लोक सेवा केन्द्र, कुंभराज), अजय शर्मा (लोक सेवा केन्द्र, राघौगढ़), सचिन कुमार जैन (लोक सेवा केन्द्र, मक्सूदनगढ़), मुकुल सिंघल (लोक सेवा केन्द्र, गुना), श्रीमती ज्योति सिंघल (लोक सेवा केन्द्र, आरोन) एवं गौरव गुप्ता (लोक सेवा केन्द्र, बमोरी) को एमपीएसईडीसी के निर्देशानुसार आधार केन्द्रों पर दी जाने वाली सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क जिला ई-गवर्नेंस समिति के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित लोक सेवा केन्द्रों द्वारा निर्धारित शुल्क का नियमित भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में पूर्व में भी कार्यालयीन पत्रों के माध्यम से संबंधित संचालकों को राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे, किन्तु निर्धारित राशि अब तक जमा नहीं की गई। इसके फलस्वरूप जिला ई-गवर्नेंस समिति द्वारा सभी 7 लोक सेवा केन्द्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि वे पूर्व एवं संशोधित दरों के अनुसार देय राशि तीन दिवस के भीतर समिति के बैंक खाते में अनिवार्य रूप से जमा करें।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित लोक सेवा केन्द्रों को ब्लैकलिस्ट किए जाने हेतु प्रस्ताव यूआईडीएआई को प्रेषित किया जाएगा। साथ ही शासकीय राशि के अनाधिकृत दुरुपयोग के संबंध में संबंधित संचालकों के विरुद्ध पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
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आरोन में अजीबोगरीब चोरी: सोने का मंगलसूत्र और दो बंदूक नहीं ले गए चोर, 06तोला सोना व 200 ग्राम चांदी ले गए चोर
गुना। गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र अंतर्गत एक मकान में अजीबोगरीब चोरी की वारदात घटित हुई, इस पूरे मामले में कोई परचित समझ में आ रहा है, क्योंकि जिस प्रकार चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया, उसमें घर के अंदर रखा एक मंगलसूत्र और दो बंदूक चोर नहीं ले गए, बल्कि अलमारी में रखी सोने चांदी की ज्वेलरी और 02 लाख चोर चोरी करके ले गए।
फरियादी राकेश पुत्र प्राणसिंह धाकड़ उम्र 50 साल निवासी ग्राम रायपुरकलां थाना आरोन जिला गुना ने रिपोर्ट किया कि 01.07.26 के रात करीबन 10.00 बजे मै तथा घर पर रहे चाचा रघुवीर धाकड़ व उनके लड़के शिवराज की बहू नीरज धाकड़ बाखर के दोनों दरवाजों को बंद करके अपने अपने कमरे में सोने चले गये थे।
मैं जिस कमरे में सो रहा था उसमें अंदर कूलर चल रहा था, जिस कारण मैंने दरवाजे खोल रखे थे, सुबह 05 बजे उठकर मैं अपने खेतो तरफ घूमने चला गया था और 07 बजे करीबन वापस घर आ गया और अपने काम धंधे में लग गया था। सुबह करीबन 11.00 बजे बहू नीरज तुलसी पर जल चढ़ाने गयी तो उन्होने आवाज देकर बताया कि यहां पर अपने संदूक (छोटा बक्सा) खुला पड़ा है तब मैंने चाचा रघुवीर के साथ छत पर जाकर देखा तो संदूक जो कि मेरे कमरे में टांड़ पर खा था वो छत पर खुली हालत में था जिसके ताले में ही चाबी लगी थी तब संदूक में रखे सामान को चैक किया तो अंदर रखा सामान अस्त व्यस्त था, उसमें रखी गोदरेज अलमारी की चाबी नहीं मिली, एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखे 02-03 हजार रूपये व उनके नीचे रखा सोने का मंगल सूत्र उसमें ही रखा था फिर हमने मेरे कमरे में रखी अलमारी जिसकी चाबी बक्से में नहीं मिली तब नीचे कमरे मे जाकर अलमारी को देखा तो उसके लकर में चाबी लगी थी।
जिसे खोलकर अंदर रखे रकम के डिब्बे आदि देखे तो उनमें रकम व नगदी नहीं मिली फिर मैंने आरोन में रहे छोटे भाई सुरजीत धाकड़ को तथा बरखेड़ागिर्द गयी मायके गयी मेरी पत्नि कमलेशबाई को चोरी हो जाने की खबर की तब छोटे भाई सुरजीव व पत्नि घर आये तब पत्नि कमलेश बाई ने सामान चैक किया तो अलमारी के लकर में रखी सोनी की 04 चुड़ी, एक सोने का मंगलसूत्र, 01 सोने की चैन, 01 जोड़ी सोने की झुमकी तथा 01 जोड़ी चांदी की पायल व 01 जोड़ी चांदी की बिछुड़ी तथा छोटे छोटे 02 पर्स में रखी दो दो पांच सो के नोटों की गड्डी जिनमें कुल 02 लाख रूपये रखे थे, वो नहीं मिले।
मैं जिस डबल बेड पर सो रहा था उसके सिरहाने तरफ ही हमारी एक 315 बोर की व एक 12 बोर की दो नाल लायसेंसी बंदूकें टगी थी, जो वहीं टंगी है। सुबह 05, 06 बजे करीबन जब मैं मैं व चाचा रघुवीर घूमने जा रहे थे तब हम लोगों को घर के पास तिराहे पर एक स्टील का डिब्बा जिसमें घी रखा था एक प्लास्टिक का डिब्बा जिसमें कुछ सिक्के रखे थे, जिन्हें देखकर हमने सोचा कि तिराहे पर किसी के द्वारा पूजा आदि करके रखें होंगे इस कारण नजरंदाज करके चले गये थे लेकिन जब छत पर बक्सा मिला व अलमारी में रकम व नगदी नहीं मिली तब पत्नि कमलेश के घर आने पर उन्हें तिराहे पर मिले डिब्बो के बारे में बताने पर उन्होने बताया कि घी का डिब्बा अलमारी में रखा जिससे भगवान की धूपबत्ती बनाते थे तथा सिक्कों का डिब्बा छोटे बक्से में रखा था। इस प्रकार मेरे कमरे में टांड़ पर रखे बक्से की चाबी जो कि मेरे सिरहाने रखी थी, उसे उठाकर संदूक का ताला खोलकर उसमें रखी अलमारी की चाबी से अलमारी खोलकर उसमे रखी करीबन 05, 06 तौला सोने की रकम एंव 200 ग्राम चांदी की रकम तथा दो लाख रूपये नगदी की चोरी रात में घर में छत आदि के रास्ते से चोरी छिपे घुस आये लोग चोरी कर ले गये हैं।
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अपहरण और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, जेल पहुंचा
गुना।गुना केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के अपहरण के प्रकरण में तत्परता से कार्यवाही करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर ही अपहृता को राजगढ़ जिले के ब्यावरा रेलवे स्टेशन से सुरक्षित दस्तयाब कर उसके अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 01 जुलाई 2026 को केंट थाने पर एक पिता द्वारा अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 510/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की त्वरित खोजबीन शुरू की गई ,बालिका के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में होने की जानकारी मिलने पर गत दिनांक 02 जुलाई 2026 को केंट थाने पुलिस की एक टीम ब्यावरा पहुंची और जहां पर टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अपहृत नाबालिग बालिका को ब्यावरा रेलवे स्टेशन क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया ।
दस्तयाबी पश्चात पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि राजीव अहिरवार निवासी ग्राम विजयगढ़ का उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया । इसके बाद पुलिस ने आरोपी राजीव अहिरवार के विरुद्ध प्रकरण में धारा 64(1) बीएनएस एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट का इजाफा कर दिनांक 02 जुलाई 2026 को ही आरोपी राजीव पुत्र श्रीकृष्ण अहिरवार उम्र 20 साल निवासी ग्राम विजयगढ़ थाना राघौगढ़ जिला गुना को भी गिरफ्तार कर लिया गया एवं आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
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भाजपा राज' में पठार मोहल्ला के नलों से आ रहा गंदा पानी, प्रशासन बेपरवाह, केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया को शिकायत के बाद भी 'जीरो रिजल्ट'
(एल.एन भडेरिया)
गुना। गुना जिले के वार्ड क्रमांक 11 पठार मोहल्ला में दूषित पानी की समस्या अब 'हद' पार कर चुकी है। आज शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे नलों से मिट्टी जैसा लाल और गंदा पानी निकला। हालात यह हैं कि इस पानी को देखकर चाय-कॉफी का भ्रम हो जाए। लेकिन यह किसी चाय की केतली नहीं, बल्कि नगर पालिका के जल प्रकोष्ठ की सप्लाई का पानी है, जो लोगों के घरों में पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पठार मोहल्ला में गंदे पानी की समस्या को करीब एक महीना बीत चुका है। जल प्रकोष्ठ द्वारा लगातार दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। सुबह 7:07 और 7:08 बजे लिए गए फोटो में साफ दिख रहा है कि बर्तनों में भरा पानी पीने लायक तो दूर, नहाने-धोने लायक भी नहीं है।
परेशान रहवासियों ने जिला कलेक्टर को व्हाट्सएप पर पानी के फोटो भेजे। जल प्रकोष्ठ के अधिकारियों को भी सूचित किया गया। बीजेपी पार्षद खुद वार्ड में आकर समस्या देख चुके हैं। पार्षद का दावा है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी लिखित में गंदे पानी की समस्या से अवगत कराया था।
लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी सिंधिया के स्तर से समस्या हल नहीं हुई है। एक महीने से वार्ड के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, बीमारी का खतरा सिर पर मंडरा रहा है, मगर सिस्टम के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
लोगो के सवालों के घेरे में प्रशासन?
1. जिला कलेक्टर को गंदे पानी के फोटो भेजने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
2.जल प्रकोष्ठ के द्वारा एक महीने से गंदा पानी सप्लाई क्यों किया जा रहा है, पाइपलाइन कब ठीक होगी?
3 पार्षद के निरीक्षण और केंद्रीय मंत्री को पत्र के बाद भी समाधान क्यों नहीं?
जब कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री तक बात पहुंचने के बाद भी नलों से लाल, गंदा पानी आ रहा है, तो आम आदमी जाए तो कहां जाए? क्या गुना के वार्ड-11 के लोगों को साफ पानी पीने का हक नहीं है? बारिश के मौसम में दूषित पानी से डायरिया, पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।