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रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हिनू इलाके से एक स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आयी है. हिनू इलाके का रजिस्ट्री ऑफिस के पास रविवार को हनुमान मंदिर में घंटे की जगह एक युवक का शव झूलता हुआ मिला. हनुमान मंदिर के मुख्य गेट पर शव का लटके होने की सूचना आग की तरह फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गयी. सूचना मिलते ही डोरंडा थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी.
डोरंडा थाना की पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स अस्पताल भेज दिया है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है कि जैसे यह हत्या है या फिर आत्महत्या.
निबंधन कार्यालय के हनुमान मंदिर के समीप से स्थानीय लोग गुजर रहे थे कि तभी कुछ लोगों की नजर मंदिर के मुख्य द्वार पर एक युवक की फंदे से लटकती हुई बॉडी दिखाई दी, पास जाने पर पता चला कि वह एक लाश है जिसके बाद यह खबर पूरे क्षेत्र में सनसनी की तरह फैल गई. मंदिर के मुख्य गेट के लोहे के एंगल से फंदे पर लटका हुआ एक युवक का शव की पहचान निचले हिनू निवासी सोनू कुमार के रूप में हुई है। इसके बाद इस खबर की सूचना पुलिस को दे दी गई.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोनू एक टेंट हाउस में मजदूरी करता था और उसके पिता की भी मृत्यु पहले ही हो चुकी है. मृतक सोनू हमेशा नशे में डूबा रहता था. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के हर पहलू पर काम किया जा रहा है और जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो पाएगा कि यह घटना सुनियोजित हत्या है या फिर युवक ने आत्महत्या की है. मृतक युवक की मां पिंकी देवी मजदूरी कर घर का भरण-पोषण करती हैं. सोनू की मां के अलावे दो भाई और एक बहन भी है.

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में ग्वालियर में बिल्ली के पंजा मारने से फैले रेबीज से 13 साल के मासूम की मौत हो गई। यह पहली बार है जब बिल्ली के पंजा मारने की वजह से किसी को रेबीज हो गया।
दरअसल, शिवपुरी जिले के करैरा 13 साल के बच्चे को बिल्ली ने पंजा मार दिया था। लक्षण दिखने पर उसे ग्वालियर के शासकीय कमलाराजा अस्पताल में मासूम को भर्ती कराया था। जांच में पता चला कि उसे इंफेक्शन हो गया है।
इंफेक्शन इतना बढ़ गया कि दिमाग तक फैल गया। बता दें कि इस दुर्लभ घटना से डॉक्टर भी हैरान हैं। गौरतलब है कि 2026 में अभी तक 8 रैबीज से मौत हो चुकी है।
PSM विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज बंसल ने बताया कि केस हिस्ट्री के मुताबिक बच्चे को बाल रोग विभाग रैफर किया गया। संपर्क में रहे परिजन को भी उन्होंने एआरवी लगवाने की सलाह दी है। कोई भी पशु के काटने या पंजा मारने पर एआरवी जरूर लगवाना चाहिए। किसी अंग पर चाट लग जाए या फिर उसकी लार गिर जाए तो उसे साफ करें।

जबलपुर. मध्य प्रदेश न्यायिक और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी में है. प्रदेश में इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड्स रूल्स-2026 को लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. नियमों को अधिसूचित किए जाने के बाद मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है, जहां डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण, प्रमाणीकरण और न्यायालय में प्रस्तुतिकरण की संपूर्ण व्यवस्था स्पष्ट कानूनी ढांचे के तहत संचालित होगी. इस पहल को न्याय व्यवस्था के डिजिटल युग में प्रवेश का महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है, क्योंकि अब अदालतों में केवल दस्तावेज और गवाह ही नहीं, बल्कि डेटा भी सच्चाई का महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेगा.
तकनीकी क्रांति के इस दौर में अपराध, लेन-देन, संवाद और सामाजिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों पर स्थानांतरित हो चुका है. मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ई-मेल, सीसीटीवी कैमरे, ऑनलाइन बैंकिंग और विभिन्न डिजिटल उपकरण आज घटनाओं के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष गवाह बन चुके हैं. ऐसे में न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है. अब सच केवल कागजों के पुलिंदों और प्रत्यक्षदर्शियों की यादों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि वह वीडियो क्लिप, चैट संदेश, ऑडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल ट्रांजेक्शन के रूप में भी सामने आ रहा है.
इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड्स रूल्स-2026 लागू होने के बाद आम नागरिकों को सबसे बड़ी राहत यह मिलेगी कि उन्हें डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अपना मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण न्यायालय अथवा जांच एजेंसियों के पास जमा नहीं कराना पड़ेगा. वर्तमान व्यवस्था में कई मामलों में व्यक्ति को अपना मोबाइल लंबे समय तक जांच एजेंसियों के पास छोड़ना पड़ता है, जिससे उसकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं. नए नियमों के तहत प्रमाणित डिजिटल रिकॉर्ड ही साक्ष्य के रूप में स्वीकार किए जाएंगे, जिससे व्यक्ति अपने उपकरण का उपयोग जारी रख सकेगा और न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होगी.
नियमों के अनुसार किसी भी डिजिटल साक्ष्य को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाने के साथ ही उसे एक विशिष्ट पहचान संख्या और हैश वैल्यू प्रदान की जाएगी. हैश वैल्यू डिजिटल दुनिया में किसी दस्तावेज या फाइल की विशिष्ट पहचान मानी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी वीडियो, फोटो, दस्तावेज या ऑडियो फाइल में एक अक्षर, एक पिक्सेल अथवा एक बिंदु का भी परिवर्तन किया जाता है तो उसकी हैश वैल्यू बदल जाती है. इससे रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है और अदालत के सामने प्रस्तुत साक्ष्य की प्रामाणिकता सुनिश्चित होती है.
न्यायिक अधिकारियों का मानना है कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों का महत्व पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया है. अपराध स्थलों की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, सोशल मीडिया संवाद और डिजिटल दस्तावेज अब जांच और सुनवाई प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं. इतना ही नहीं, संपत्ति विवाद, व्यावसायिक अनुबंध, पारिवारिक मामलों और अन्य सिविल विवादों में भी व्हाट्सएप चैट, ई-मेल संवाद और डिजिटल रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आ रहे हैं. ऐसे में इन रिकॉर्ड्स की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी.
नए नियमों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी होगी कि डिजिटल साक्ष्य केवल एक वीडियो, फोटो या दस्तावेज के रूप में सुरक्षित नहीं रहेगा, बल्कि उसे एक संपूर्ण डिजिटल पैकेज के रूप में संरक्षित किया जाएगा. इस पैकेज में रिकॉर्ड अपलोड किए जाने का समय, हैश वैल्यू, तकनीकी विवरण और उससे संबंधित अन्य प्रमाणिक जानकारियां भी शामिल रहेंगी. यही पैकेज मूल इलेक्ट्रानिक रिकॉर्ड माना जाएगा. इससे साक्ष्य की श्रृंखला यानी ‘चेन ऑफ कस्टडी’ को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अदालत में उसकी प्रमाणिकता पर उठने वाले विवादों में कमी आएगी.
व्यवस्था को अधिक सुलभ और जनसुलभ बनाने के लिए ई-सेवा केंद्रों को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है. पक्षकार, अधिवक्ता और अन्य संबंधित व्यक्ति अधिकृत केंद्रों के माध्यम से अपने डिजिटल साक्ष्य अपलोड कर सकेंगे. इससे तकनीकी जानकारी के अभाव में भी लोग आसानी से न्यायिक प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे. ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी इस सुविधा का लाभ मिलने की उम्मीद है.
संवेदनशील मामलों में गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. विशेष रूप से यौन अपराधों और महिलाओं से जुड़े मामलों में डिजिटल रिकॉर्ड को सामान्य पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. ऐसे रिकॉर्ड्स तक पहुंच केवल न्यायालय के नियंत्रण में रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर निरीक्षण की सीमित अनुमति दी जा सकेगी. इससे पीड़ितों की निजता और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी.
इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के संबंध में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह भी बना हुआ था कि डिजिटल रिकॉर्ड की तकनीकी जांच और सत्यापन करने वाला विशेषज्ञ कौन होगा. कई मामलों में इस विषय को लेकर न्यायालयों और अधिवक्ताओं के समक्ष व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न होती थीं. नए नियम इस अस्पष्टता को दूर करते हुए विशेषज्ञ की स्पष्ट परिभाषा और उसकी भूमिका निर्धारित करते हैं. इससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनने की उम्मीद है.
कानून और तकनीक के इस संगम को न्याय व्यवस्था के भविष्य की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. डिजिटल रिकॉर्ड्स के बढ़ते उपयोग के बीच यह पहल न केवल न्यायिक प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी, बल्कि नागरिकों की सुविधा और अधिकारों की भी रक्षा करेगी. यदि मध्य प्रदेश इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने में सफल होता है तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकता है. बदलते समय के साथ अब अदालतों में केवल इंसानों की गवाही ही नहीं, बल्कि डेटा भी सच बोलता दिखाई देगा और न्याय की यात्रा तकनीक का हाथ थामकर भविष्य की ओर आगे बढ़ेगी.

गुना। गुना कैंट थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए गोविन्द गार्डन क्षेत्र में हुई चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है । साथ ही आरोपी के कब्जे से चोरी गया लगभग संपूर्ण माल भी बरामद करने में मह्त्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है ।
31 मई 2026 को फरियादी विनायक रघुवंशी निवासी गोविन्द गार्डन, कैंट गुना द्वारा कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 31 मई 2026 को उनके सूने मकान में किसी अज्ञात व्यक्ति ने घुसकर सोने-चांदी के आभूषण एवं 12 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए हैं। चोरी गए सामान में सोने का मंगलसूत्र, हार, चैन, अंगूठी, टॉप्स सहित चांदी के विभिन्न आभूषण एवं सिक्के शामिल थे । रिपोर्ट पर तत्काल कार्यवाही करते हुए कैंट थाना पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 409/26 धारा 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
पुलिस की सघन जांच के परिणामस्वरूप पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान शुभम कुशवाह निवासी बांसखेड़ी के रूप में सुनिश्चित कर जिसकी सरगर्मी से तलाश की गई और जिसकी तलाश के क्रम में 02 जून 2026 को मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना पर आरोपी शुभम उर्फ लेटी पुत्र धारत सिंह कुशवाह उम्र 20 वर्ष निवासी बांसखेड़ी फाटक के पास, थाना कैंट जिला गुना को हिरासत में ले लिया गया, पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात को स्वीकार किया । पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया लगभग संपूर्ण माल बरामद कर लिया, जिनमें सोने का 01 मंगलसूत्र, सोने की 01 अंगूठी, सोने के 03 जोड टाप्स, सोने की 02 चैन, सोन की 01 चैन पेंडिल के साथ, चांदी की 01 चैन, चांदी की 02 जोड पायलें. चांदी के 05 चूडा, चांदी के 09 सिक्के, चांदी के 60 नग बिछिया, चांदी की 01 जोड कचोनिया, चांदी के 02 ताबीज, चांदी की 01 कटोरी-चम्मच कुल कीमती करीब 16 लाख रुपये का माल जप्त कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया ।
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महिला के गले से मंगलसूत्र लूटने वाले तीनों आरोपी गिरफ्तार
गुना। गुना कोतवाली पुलिस द्वारा शहर की भार्गव कॉलोनी में महिला के गले से मंगलसूत्र स्नेचिंग के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 06 घंटे के भीतर ही प्रकरण का सफलतम खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है ।
उल्लेखनीय है कि 02 जून 2026 को फरियादिया प्रेमाबाई किरार उम्र 52 वर्ष निवासी भार्गव कॉलोनी, गुना द्वारा कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आज सुबह घर के बाहर खड़ी होने के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात व्यक्ति उसके गले से करीब ढाई लाख रुपये मूल्य का सोने का मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए । घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल अपराध क्रमांक 365/26 धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई ।
पुलिस की एक विशेष टीम ने घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया तथा तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सघन प्रयास किए । इसमें पुलिस की पुलिस की त्वरित, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही के परिणाम स्वरूप मात्र 6 घंटे के भीतर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया । गिरफ्तार आरोपियों में 1-कार्तिक पुत्र लक्ष्मण त्यागी उम्र 26 साल निवासी खेडापडी मंदिर के पास शिवपुरी, 2-बल्देव पुत्र निर्मल राठौर उम्र 24 साल कमलागंज शिवपुरी एवं 3-रोहित पुत्र सत्यभान दुबे उम्र 40 साल निवासी लक्ष्मीनगर दिल्ली शामिल हैं । आरोपियों के कब्जे से घटना में छीना गया लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य का सोने का मंगलसूत्र भी बरामद कर लिया है ।
उल्लेखनीय है कि आरोपियों द्वारा मंगलसूत्र स्नेचिंग की घटना के पूर्व दिनांक 01 जून 2026 को गुना रेलवे स्टेशन से एक हीरो स्मार्ट मोटर साइकिल क्रमांक MP08 MM 0926 की चोरी की गई थी एवं चोरी की इसी मोटर साइकिल के साथ आज भार्गव कालोनी में मंगलसूत्र स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया गया । इस घटना से पहले सुबह करीबन 07 बजे आरोपियों द्वारा सुगन चौराहे पर भी एक महिला पर लूट की बारदात का प्रयास किया था जिसमें असफल होने के बाद भार्गव कालोनी में घटना को अंजाम दिया गया । आरोपियों से घटना में प्रयुक्त चोरी की बाईक भी बरामद की गई है ।
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03 जून को विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत प्रवाह रहेगा बाधित
गुना। गुना सहायक प्रबंधक, विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड गुना द्वारा जानकारी अनुसार 33/11 नानाखेड़ी केव्‍ही लाईन मेंटनेंस होने के कारण दिनांक 03 जून 2026 को सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक ईदगाह बाडी, आवासीय कालोनी, न्यूसिटी पार्ट- 2, तुलसी बस्ती, अवंतीका नगर, कुशवाह नगर, दलवी कालोनी, न्यूसिटी कालोनी, नई मण्डी, एल, आई, सी, ऑफिस, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, गायत्री मंदिर, एम.पी. नगर, नानाखेड़ी, यादव रॉयल सिटी, पेंशनर मोहल्ला, ऊमरी हाउस, पुलिस कन्ट्रोल रूम, वृद्धाश्रम, भगतसिंह कालोनी, सामसिंग, गोपालपुरा, कोल्हपूरा, कर्नलगंज, अन्नपूर्णा कालोनी, सिसौदिया कालोनी, दूर्गा कालोनी एवं शिवाजी नगर का विद्युत प्रवाह बाधित रहेगा। कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत कटौती की समयावधि घटाई अथवा बढ़ाई भी जा सकती है।
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गुना में दिनदहाड़े महिला का 6.5 लाख का मंगलसूत्र लूटा, लूटेरे सीसीटीवी कैमरे में कैद
गुना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की भार्गव कॉलोनी में आज सोमवार सुबह लूट की सनसनीखेज वारदात हुई। घर के बाहर झाड़ू लगा रही एक महिला को निशाना बनाकर तीन बाइक सवार बदमाश लगभग 4 तोला वजनी सोने का मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए। सुबह-सुबह हुई इस घटना से कॉलोनी में दहशत का माहौल बना हुआ है। लूटे गए मंगलसूत्र की कीमत 6:30 लाख से अधिक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 7:30 बजे भार्गव कॉलोनी निवासी एक महिला श्रीमती प्रेमा किरार रोज की तरह अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन युवक आए। बाइक धीमी होते ही पीछे बैठे एक बदमाश ने झपट्टा मारकर महिला के गले से सोने का मंगलसूत्र खींच लिया। महिला के शोर मचाने से पहले ही तीनों आरोपी तेजी से गली से निकलकर भाग गए।
पीड़ित परिवार के अनुसार लूटे गए मंगलसूत्र का वजन करीब 4 तोला यानी 40 ग्राम है। मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से इसकी कीमत लगभग 6.5 लाख रुपए आंकी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही 112 पुलिस मौके पर पहुंची। लूट की पूरी वारदात नजदीक में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हुई है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लुटेरे किस प्रकार लूट की वारदात को अंजाम देकर रफू चक्कर हो गए।
सुबह-सुबह रिहायशी कॉलोनी में हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में डर है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। सुबह के समय महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

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