This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.



More inदेश  

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में करीब आठ साल पहले हुई एक संदिग्ध रिहाई का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस हैरान हैं। आरोप है कि एक उम्रकैद कैदी ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश का इस्तेमाल कर जेल से रिहाई हासिल कर ली थी। अब जेल प्रशासन ने दोषी और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
कर्नाटक की एक जेल से फर्जी दस्तावेज दिखाकर एक कैदी के रिहा होने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, उम्रकैद की सजा काट रहे एक आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी दस्तावेज दिखाया और जेल से रिहाई हासिल कर ली.
कर्नाटक में जेल में धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. अधिकारियों ने खुलासा किया कि आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक कैदी लगभग 8 साल पहले सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से रिहा हो गया था .इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जेल विभाग में संभावित मिलीभगत और गंभीर लापरवाही की जांच शुरू कर दी गई है.
शंकर ए नामक कैदी को वर्ष 2001 के फिरौती के लिए अपहरण मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 364ए (फिरौती के लिए अपहरण) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दो-दो उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया था। साथ ही प्रत्येक धारा के तहत पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
जेल अधिकारियों के अनुसार, तीन दिसंबर 2018 को उन्हें एक पत्र मिला था, जिसे उस समय सुप्रीम कोर्ट का आदेश माना गया। यह आदेश एक आपराधिक अपील से जुड़ा बताया गया था। इसी कथित आदेश के आधार पर शंकर ने कुल 10 हजार रुपये का जुर्माना जमा किया और 13 नवंबर 2018 को उसे जेल से रिहा कर दिया गया।
यह मामला हाल ही में तब सामने आया जब जेल डायरेक्टर जनरल को एक शिकायत मिली जिसमें आरोप लगाया गया था, शंकर ने फर्जी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इस्तेमाल करके अवैध रूप से रिहाई हासिल की थी. इसके बाद आंतरिक जांच शुरू की गई. बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के सहायक रजिस्ट्रार से सत्यापन के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि दोषी द्वारा प्रस्तुत आदेश फर्जी था.
पुलिस और जेल विभाग अब शंकर को दोबारा गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटे हैं। साथ ही दस्तावेजों की जालसाजी और साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इछावर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। पिछले 15 दिनों से लगातार रात के समय की जा रही भारी बिजली कटौती से परेशान आक्रोशित ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण अमलाहा विद्युत वितरण केंद्र पहुंचे और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार और लंबे समय तक बिजली काटे जाने से हर वर्ग त्रस्त हो चुका है। इस भीषण गर्मी में आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। लगातार अंधेरा रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों और स्थानीय व्यापारियों को भी भारी आर्थिक व व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चक्काजाम के दौरान आंदोलनकारियों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया। इसके बाद ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें तत्काल प्रभाव से रात के समय बिजली कटौती को पूरी तरह बंद करने की मांग की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनी और स्थानीय प्रशासन को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी 72 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो समस्त ग्रामवासी मिलकर एक बड़ा और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में स्थिति बिगड़ती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक, किसान और युवा मौजूद रहे।

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी है। विवाद के दौरान आदिवासी समाज के एक व्यक्ति की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने पर धावा बोल दिया।
दरअसल घटना श्योपुर जिले के करहल थाना इलाके के पनवाड़ गांव की है। जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने रविवार को खूनी रूप ले लिया। हत्या के शिकार हुए युवक का नाम गंगाराम आदिवासी बताया जा रहा है।आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया और गंगाराम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
गंगाराम की मौत की खबर फैलते ही आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर फरियादी पक्ष और गांव के एक सैकड़ा (100) से अधिक आदिवासी समाज के लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर सीधे करहल थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना परिसर में प्रवेश कर लिया और वहां खड़ी पुलिस की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस और आदिवासियों के बीच तीखी बहस और जमकर झड़प हुई। स्थिति को बेकाबू होता देख और भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई में आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कुल 6 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे मामले में जदबीर जाट और जितेंद्र जाट को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक तीन आरोपियों को राउंडअप (हिरासत में) कर लिया है। 3 अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गुना। गुना आरोन थाना पुलिस ने विगत दिनों हुई सड़क दुर्घटना में भाई-बहन की दर्दनाक मृत्यु के मामले का सफल खुलासा करते हुए अज्ञात वाहन एवं चालक की पहचान कर आरोपी जेसीबी चालक को गिरफ्तार कर लिया है । साथ ही दुर्घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन भी जप्त कर लिया गया है ।
गौरतलब है कि दिनांक 14 मई 2026 को आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम ढिमरयाई निवासी विपिन पुत्र विशन पंथी उम्र 18 वर्ष अपनी बहन शिवानी पंथी उम्र 22 वर्ष को परीक्षा दिलाने के लिए आरोन कॉलेज लेकर आया था । परीक्षा उपरांत दोनों भाई-बहन मोटर साइकिल से वापस घर लौट रहे थे । इसी दौरान रास्ते में ग्राम सिरसी एवं ढिमरयाई के बीच किसी अज्ञात वाहन चालक द्वारा उनकी मोटर साइकिल को टक्कर मार दी गई, जिससे दोनों भाई-बहन की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई थी । घटना के संबंध में आरोन थाने में अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध अपराध क्रमांक 136/26 धारा 106(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी ।
दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए मृतक भाई-बहन के परिजनों सहित सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों द्वारा अज्ञात वाहन एवं आरोपी चालक की शीघ्र पहचान कर कठोर कार्यवाही किए जाने की लगातार मांग की जा रही थी । आरोन थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार द्वारा उपनिरीक्षक रविनंदन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई । टीम द्वारा घटना स्थल से संबंधित मार्गों पर लगे लगभग 150 सीसीटीव्ही कैमरों का बारीकी से अवलोकन कर दुर्घटना का वास्तविक समय चिन्हित किया गया । जांच के दौरान पनबाड़ी हाट से आरोन बायपास तक मार्ग पर लगे सभी सीसीटीव्ही कैमरों की फुटेज खंगाली गई तथा कई संदिग्ध वाहनों को शॉर्ट लिस्ट कर उनकी तस्दीक की गई । लगातार तकनीकी एवं भौतिक जांच के बाद पुलिस द्वारा अंततः उक्त दुर्घटना करने में जेसीबी वाहन क्रमांक एमपी 08 डीए 0311 एवं उसके चालक की पहचान सुनिश्चित कर ली गई । इसके उपरांत पुलिस द्वारा आरोपी जेसीबी चालक राजकुमार पुत्र फूलसिंह जाटव उम्र 36 वर्ष निवासी आरोन को अभिरक्षा में लेकर गिरफ्तार किया गया तथा दुर्घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन को जप्त कर प्रकरण में विधिसम्मत कार्यवाही की गई ।

देश

बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में करीब आठ साल पहले हुई एक संदिग्ध रिहाई का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस हैरान हैं। आरोप है कि एक उम्रकैद कैदी ने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश का इस्तेमाल कर जेल से रिहाई हासिल कर ली थी। अब जेल प्रशासन ने दोषी और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।कर्नाटक की एक जेल से फर्जी दस्तावेज दिखाकर एक कैदी के रिहा होने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, उम्रकैद की...
More inदेश  

राज्य-शहर

इछावर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। पिछले 15 दिनों से लगातार रात के समय की जा रही भारी बिजली कटौती से परेशान आक्रोशित ग्रामीणों और किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण अमलाहा विद्युत वितरण केंद्र पहुंचे और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बार-बार और लंबे समय तक बिजली काटे जाने से हर...

अपराध

श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी है। विवाद के दौरान आदिवासी समाज के एक व्यक्ति की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने पर धावा बोल दिया।दरअसल घटना श्योपुर जिले के करहल थाना इलाके के पनवाड़ गांव की है। जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर लंबे...
More inअपराध  

गुना

गुना। गुना आरोन थाना पुलिस ने विगत दिनों हुई सड़क दुर्घटना में भाई-बहन की दर्दनाक मृत्यु के मामले का सफल खुलासा करते हुए अज्ञात वाहन एवं चालक की पहचान कर आरोपी जेसीबी चालक को गिरफ्तार कर लिया है । साथ ही दुर्घटना में प्रयुक्त जेसीबी वाहन भी जप्त कर लिया गया है । गौरतलब है कि दिनांक 14 मई 2026 को आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम ढिमरयाई निवासी विपिन पुत्र विशन पंथी उम्र 18 वर्ष अपनी बहन शिवानी पंथी उम्र 22 वर्ष को परीक्षा दिलाने के लिए आरोन कॉलेज लेकर आया था । परीक्षा उपरांत दोनों...
More inगुना  

फोटो गैलरी

  • P001.jpg
  • P002.jpg
  • P003.jpg
  • P004.jpg
  • P005.jpg
  • P006.jpg
  • P007.jpg