This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.



More inदेश  

खंडवा। खंडवा जिला एक बार फिर पुलिस विभाग की कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के खालवा थाने में पदस्थ एक आरक्षक का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
दरअसल वायरल वीडियो खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक जयदीप का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरक्षक पुलिस थाने के अंदर ही पूरी तरह से नग्न (बिना कपड़ों के) अवस्था में सोता हुआ दिखाई दे रहा है। खाकी वर्दी की गरिमा को तार-तार करने वाले इस वीडियो के सामने आते ही स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह आपत्तिजनक वीडियो करीब एक महीने पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह वीडियो अब जाकर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ है। जैसे ही यह वीडियो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, विभाग में खलबली मच गई और आनन-फानन में एक्शन लिया गया।

गुना। गुना जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) में सरकारी धन की अफरा-तफरी और गंभीर वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। स्व-सहायता समूहों के लिए आई 3.74 करोड़ रुपये की राशि को असल हितग्राहियों के बजाय निजी व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस महाघोटाले में कैंट पुलिस ने राज्य स्तरीय जांच समिति की अनुशंसा पर तत्कालीन जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) सहित तीन मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दरअसल, आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के वित्तीय लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड भारत सरकार के लोकोस (LOKOS) पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। मई माह में जब मिशन के वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (FDM) पोर्टल और लोकोस पोर्टल के आंकड़ों का आपस में मिलान किया गया, तो गुना विकासखंड के प्रतिज्ञा सीएलएफ के खातों में 90.25 लाख रुपये की बड़ी विसंगति सामने आई। FDM पोर्टल पर तो यह राशि ट्रांसफर होना दिख रही थी, लेकिन जब बैंक स्टेटमेंट और अभिलेखों को खंगाला गया, तो वहां यह राशि पहुंची ही नहीं थी।
इस गड़बड़ी के सामने आते ही जिला पंचायत सीईओ ने तीन सदस्यीय दल गठित कर जांच के आदेश दिए। वहीं राज्य स्तर से भी एक विशेष टीम जांच के लिए गुना पहुंची। शुरुआती जांच में मामला वित्तीय वर्ष 2021-22 का दिखाई दे रहा था, लेकिन जब जांच का दायरा बढ़ाते हुए वर्ष 2019 से लेकर 2025 तक के बैंक खातों और पोर्टल प्रविष्टियों का परीक्षण किया गया, तो यह घोटाला बढ़कर 3 करोड़ 74 लाख रुपये तक पहुंच गया।
जांच रिपोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। तत्कालीन जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) विष्णु पंवार का तबादला 11 फरवरी 2019 को ही राजगढ़ जिले में हो गया था। इसके बावजूद गुना में उनके डिजिटल या भौतिक हस्ताक्षरों का उपयोग कर लगातार वित्तीय लेन-देन को अंजाम दिया जाता रहा। इस पूरे खेल में उनके साथ अकाउंटेंट मनोज जैन और सहायक वित्त प्रबंधक अमित अग्रवाल की भूमिका भी मुख्य रूप से उजागर हुई है।
राज्य स्तरीय जांच समिति ने इसे केवल विभागीय लापरवाही न मानते हुए शासकीय धन की सोची-समझी अफरा-तफरी करार दिया और कलेक्टर के माध्यम से पुलिस कार्रवाई की सिफारिश की। समिति ने पंजाब नेशनल बैंक के खातों से हुए सभी लेन-देन और भुगतान की बारीकी से जांच करने को कहा है। गुरुवार को आजीविका मिशन के डीपी कमठान ने कैंट थाने में आवेदन पेश किया, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी अमित अग्रवाल, मनोज जैन और विष्णु पंवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) (अपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।
------------------------------
मंगलसूत्र लूट का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, मंगलसूत्र व एक देशी कट्टा बरामद
गुना। केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और विशेष टीम द्वारा दंपत्ति से मंगलसूत्र लूट का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया मंगलसूत्र तथा वारदात में प्रयुक्त 315 बोर अवैध देशी कट्टा भी बरामद किया है ।
उल्लेखनीय है कि फरियादी प्रेमनारायण अहिरवार (उम्र 38 वर्ष), निवासी ग्राम बेलका थाना विजयपुर, हाल निवासी द्वारकाधीश कॉलोनी गुना ने केंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 25 जून 2026 को वह अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था । गुना बायपास पर द्वारकाधीश कॉलोनी की ओर मुड़ते ही मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया । एक आरोपी ने उसकी पत्नी के गले से मंगलसूत्र छीनने का प्रयास किया । उसके द्वारा इसका विरोध करने पर दूसरे आरोपी ने देशी कट्टा निकालकर उस पर तान दिया, जिसके बाद दोनों आरोपी मंगलसूत्र लूटकर मौके से फरार हो गए। जिसकी रिपोर्ट पर से केंट थाने में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 488/26, धारा 309(6) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की ।
पुलिस के प्रयासों एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दिनांक 26 जून 2026 को एक आरोपी के सिंगवास तलाब के समीप नर्सरी में होने की मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्पर एवं सुनियोजित कार्यवाही कर आरोपी धीरेन्द्र उर्फ टिड्डा पुत्र आकाश पारदी उम्र 19 साल निवासी ग्राम बीलाखेड़ी थाना धरनावदा हाल पटेलनगर केंट गुना को हिरासत में ले लिया गया एवं उसकी विधिवत तलाशी लेने पर उसकी कमर से 315 बोर देशी कट्टा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने विधिवत जप्त कर उक्त लूट के संबध में पूछताछ की गई ।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उक्त लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया । पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटे गये मंगलसूत्र का पैण्डल व 06 मोती कीमती करीबन 01 लाख रुपये के बरामद किए जाकर आरोपी धीरेन्द्र पारदी को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार किया गया । पुलिस द्वारा प्रकरण में शामिल फरार अन्य आरोपी की भी पहचान कर ली है तथा उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जिसे भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा ।
गौरतलब है कि गिरफ्तार आरोपी धीरेन्द्र पारदी दिनांक 08 जून 2026 को वंदना स्कूल के समीप महिला चिकित्सक से मंगलसूत्र लूट की घटना में भी संलिप्त पाया गया है । उक्त प्रकरण में भी पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।
-------------------------------------
7वीं के छात्र मोक्षित की कूची का कमाल, 6 दिन की मेहनत से बनाई सुधा सागर जी महाराज की जीवंत तस्वीर
गुना। गुना प्रेसीडेंसी हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ने वाले छात्र मोक्षित पाराशर ने अपनी चित्रकला से गुना का नाम रोशन कर दिया। मात्र 12 साल की उम्र में मोक्षित ने आचार्य सुधा सागर जी महाराज का बेहद सुंदर और जीवंत चित्र बनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पंकज पाराशर और भावना पाराशर के होनहार पुत्र मोक्षित को बचपन से ही पेंटिंग का शौक है। 6-7 साल की उम्र से ही वह प्रकृति, पहाड़-पर्वत के सुंदर चित्र बनाता था। कोरोना काल में यूट्यूब की मदद से उसने अपनी कला को और निखारा। पिछले 2 वर्षों से गर्मियों की छुट्टियों में वह एक-एक माह तक सीमा शर्मा मैडम से पेंटिंग की बारीकियां सीख रहा है।
मोक्षित पहले भी हनुमान जी, गायत्री परिवार के पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी और गणेश भगवान की मनमोहक तस्वीरें बना चुका है। आचार्य सुधा सागर जी महाराज के गुना नगर आगमन की सूचना मिलते ही उसके मन में महाराजश्री का चित्र बनाने का भाव जागा। इसके बाद उसने दिन-रात एक कर 5-6 दिनों की कड़ी मेहनत से यह अनुपम तस्वीर तैयार की।
शाम को कस्तूरबा कॉलेज में आयोजित धर्मसभा के दौरान बाल कलाकार मोक्षित ने अपनी स्वनिर्मित तस्वीर आचार्य सुधा सागर जी महाराज को भेंट की। महाराजश्री ने बालक की कला और भावना की खुले मन से सराहना की और उसे आशीर्वाद दिया। मोक्षित की इस प्रतिभा को देखकर वहां मौजूद सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
मोक्षित के पिता पंकज पाराशर और माता भावना पाराशर ने बताया कि बचपन से ही मोक्षित का रुझान कला की ओर था। उन्होंने कभी उस पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया, बल्कि उसकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव मदद की। स्कूल के शिक्षक भी मोक्षित की कला की प्रशंसा करते हैं।
मोक्षित की यह तस्वीर न सिर्फ उसकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भी बताती है कि अगर बच्चों को सही मार्गदर्शन मिले तो वे छोटी उम्र में भी बड़े काम कर सकते हैं।
-----------------------------------
कुएं में मिला युवक का शव, रस्सी से पैर बंधे, शरीर पर बंधा था पत्थर, मचा हड़कंप
गुना। गुना जिले में लाशें मिलने का मानो सिलसिला सा शुरू हो गया है। म्याना इलाके से एक घर के दो कमरों से तीन लाशें मिलने के बाद अब कुंभराज इलाके में दो शव मिलने से अचानक हड़कंप मच गया। यहां अपने ही घर पर एक नाबालिग बच्चे का शव देख पिता के आंसू निकल आए। वहीं, दूसरी तरफ कुएं में एक युवक की शव मिला है जिसके पैर रस्सी से बंधे हुए थे और शरीर पर पत्थर भी बंधा हुआ था। मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
पहला मामला कुंभराज कस्बे की गीता कॉलोनी का है। एक 12 वर्षीय बच्चा अपने पिता के साथ रहता था। उसकी मां दो साल पहले अपने पति को छोड़कर चली गई थी। उसने अपने पति पर केस भी किया हुआ है। गुरुवार रात बच्चा अपने घर में मृत अवस्था में मिला। उसके पिता के अनुसार बच्चा कुछ दिनों से बीमार था। गुरुवार को कुंभराज अस्पताल में उसका इलाज कराया। इसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई। पिता अपने बेटे को लेकर घर आया।
बच्चा कमरे में सो गया और पिता कुछ काम से बाहर चला गया। जब वह वापस आया तो बेटे के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची। बच्चे के शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं हैं। आज सुबह कुंभराज अस्पताल में उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। उसकी मौत कैसे हुई, यह पीएम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा।
दूसरा मामला कुंभराज इलाके के रामनगर लोधा गांव का है। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों को कुएं में एक शव दिखा। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाया। उसे अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामदयाल लोधा(45) पुत्र रामप्रसाद लोधा के रूप में हुई है। वह बुधवार शाम से लापता था। आखिरी बार बुधवार शाम को उसे देखा गया। उसके कपड़े और जूते कुएं की सीढ़ियों पर ही रखे हुए थे। वहीं उसके पैर रस्सी से बांध थे और तौलिया के सहारे एक पत्थर शरीर पर बंधा हुआ था।
कुंभराज थाना प्रभारी TI पंकज त्यागी ने बताया कि थाना क्षेत्र में दो अलग अलग जगह दो शव मिले हैं। दोनों मामलों की जांच की जा रही है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इनकी मौत कैसे हुई, यह पीएम रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
------------------------------
अवैध मदिरा एवं लाहन जब्त, ...‘बीना मेमू ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाएंगे सिंधिया, यात्रियों को मिलेगी राहत
गुना। गुना जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय, संग्रह, परिवहन एवं जहरीली शराब के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार जारी है। उपायुक्त, ग्वालियर संभाग संदीप शर्मा के निर्देशन एवं जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 24 जून को आबकारी वृत्त गुना-1 के प्रभारी राधाकिशन के नेतृत्व में ग्राम झिर में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 4 प्रकरण दर्ज किए गए। दबिश के दौरान 65 लीटर हाथ भट्टी मदिरा एवं 800 किलोग्राम गुड़ लाहन बरामद कर जब्त किया गया। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 1 लाख रुपये है।
इस कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह तथा आबकारी आरक्षक गोविंद सिंह मीना, अरुण कुमार शर्मा, दिनेश कुमार राठौर एवं महिला आरक्षक पूजा रघुवंशी की भूमिका सराहनीय रही।
---------------------------------
‘बीना मेमू ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाएंगे सिंधिया, यात्रियों को मिलेगी राहत
गुना कोरोना काल के बाद से बीना की ओर जाने के लिए रात में सवा पांच घंटे तक कोई ट्रेन नहीं है, लेकिन अब अशोकनगर और गुना जिले के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा मिलने वाली है। लंबे इंतजार के बाद अब 27 जून से बीना-रुठियाई-बीना मेमू ट्रेन अपना दूसरा फेरा शुरू करने जा रही है। क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से शुरू हो रही इस सेवा से अंचल के हजारों यात्रियों को फायदा मिलेगा।
रेलवे बोर्ड द्वारा पूर्व में ही इस ट्रेन के फेरे बढ़ाने की स्वीकृति दे दी गई थी। अब इस निर्णय को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जिससे रात 8:15 बजे से डेढ़ बजे के बीच बीना जाने वाली ट्रेन न होने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
आधिकारिक पुष्टि करते हुए भोपाल रेल मंडल के पीआरओ नवल अग्रवाल ने बताया कि इस ट्रेन का दूसरा फेरा शनिवार से शुरू होने जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी है कि शनिवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और इसी के साथ ट्रेन का दूसरा फेरा शुरू हो जाएगा।
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह मेमू ट्रेन रुठियाई से बीना के बीच सभी रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इससे न केवल जिला मुख्यालय बल्कि इस रूट पर पड़ने वाले सभी छोटे कस्बों और गांवों के यात्रियों को भी रात के समय रेल सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, रेलवे सूत्रों के बीच इस बात की भी सुगबुगाहट है कि रात में रुठियाई से बीना जाने वाली इस ट्रेन के समय में कुछ बदलाव किए जा सकते है।
इसलिए जरूरी है यह दूसरा फेरा
कोरोना काल से पहले इस रूट पर गुना-बीना-गुना पैसेंजर ट्रेन चलती थी, जो दिन में दो फेरे लगाती थी। जिसे अशोकनगर जिले की लाइफलाइन कहा जाता था।
उस ट्रेन के बंद होने के बाद रेलवे ने बीना-रुठियाई मेमू तो शुरू की, लेकिन उसका सिर्फ एक ही फेरा होने से यात्रियों की सुविधा अधूरी रह गई थी और मांग जारी थी।
रात 8:15 बजे के बाद रात डेढ़ बजे तक शहर से बीना की और कोई नियमित ट्रेन न होने से जिले के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
जिलेवासियों द्वारा लगातार उठाई जा रही इस मांग को देखते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने रेल मंत्रालय से इसके दो फेरों की विशेष स्वीकृति कराई थी।

 

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह वीर सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं। इन शहीदों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' सेक्शन में दर्ज किए गए हैं। इसे ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सैनिकों की पहली आधिकारिक पुष्टि माना जा रहा है।
इन 6 शहीदों के नाम आए सामने
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर जिन छह जवानों के नाम दर्ज किए गए हैं, वे हैं-
सूबेदार मेजर पवन कुमार
रायफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
एवीएम (एयरक्राफ्ट्समैन) मूद मुरलीनायक
हवलदार सुनील कुमार सिंह
सुरेंद्र कुमार
इन सभी जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में अपनी जान न्योछावर की।
नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के रोल ऑफ ऑनर सेक्शन में देश के लिए शहीद हुए कुल 26,626 सैनिकों के नाम दर्ज हैं। इसमें 1947-48 के भारत-पाक युद्ध से लेकर हालिया सैन्य अभियानों तक में शहीद हुए जवानों को सम्मान दिया गया है। अब इस सूची में ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम भी जोड़ दिए गए हैं।
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान जवानों के शहीद होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, केंद्र सरकार ने उस समय किसी भी सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी। अब नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर नाम दर्ज होने के बाद पहली बार इन शहीदों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 को हुई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।
ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी संगठनों के नौ ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया। करीब चार दिन तक चले सैन्य तनाव के बाद 10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए थे।

अमरवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में दशकों बाद स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम हथोड़ा के लोहरी मोहल्ला से बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। सड़क और एंबुलेंस की कमी का खामियाजा एक गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा। अस्पताल जाने की राह देख रही महिला को घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बच्चे के साथ गांव के युवाओं ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार करवाया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 परिवार यहां पर निवासरत हैं। जब कोई परेशानी आती है तो मोहल्ले तक न एंबुलेंस आती है और ना ही कोई गाड़ी आती है। नदी पार करने के लिए हमेशा खटिया का उपयोग करना पड़ता है। गांव की एक महिला गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी होने वाली थी लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके बाद घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
जच्चा बच्चा की स्थिति देख कर गांव के युवाओं ने खाटिया में महिला को लिटाकर नदी पार करवाया। फिर बाइक से ही अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया।ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि से कई बार नदी में पुलिया बनाने और रोड बनाने की मांग की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं देता है। स्कूली बच्चों को नदी पार करके स्कूल जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
यहां ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए मोहताज हैं क्योंकि इस मोहल्ले में जाने के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। नदी पर पुल बनाने की मांग काफी दिनों से चल रही है लेकिन अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।

देश

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह वीर सैनिकों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं। इन शहीदों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' सेक्शन में दर्ज किए गए हैं। इसे ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए सैनिकों की पहली आधिकारिक पुष्टि माना जा रहा है।इन 6 शहीदों के नाम आए सामनेनेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर जिन छह जवानों के नाम दर्ज किए गए हैं, वे हैं-सूबेदार मेजर पवन कुमाररायफलमैन सुनील...
More inदेश  

राज्य-शहर

अमरवाड़ा। छिंदवाड़ा जिले में दशकों बाद स्वास्थ्य सुविधा लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई है। अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम हथोड़ा के लोहरी मोहल्ला से बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। सड़क और एंबुलेंस की कमी का खामियाजा एक गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा। अस्पताल जाने की राह देख रही महिला को घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। बच्चे के साथ गांव के युवाओं ने महिला को खटिया में लिटाकर नदी पार करवाया।ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 20 परिवार यहां पर निवासरत हैं। जब कोई परेशानी...

अपराध

खंडवा। खंडवा जिला एक बार फिर पुलिस विभाग की कारगुजारियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के खालवा थाने में पदस्थ एक आरक्षक का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।दरअसल वायरल वीडियो खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक जयदीप का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आरक्षक पुलिस थाने के...
More inअपराध  

गुना

गुना। गुना जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) में सरकारी धन की अफरा-तफरी और गंभीर वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। स्व-सहायता समूहों के लिए आई 3.74 करोड़ रुपये की राशि को असल हितग्राहियों के बजाय निजी व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस महाघोटाले में कैंट पुलिस ने राज्य स्तरीय जांच समिति की अनुशंसा पर तत्कालीन जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) सहित तीन मुख्य जिम्मेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक...
More inगुना  

फोटो गैलरी

  • P001.jpg
  • P002.jpg
  • P003.jpg
  • P004.jpg
  • P005.jpg
  • P006.jpg
  • P007.jpg