गुना। वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय सही प्राथमिक उपचार अपनाने और तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की है। साथ ही झाड़-फूंक एवं घरेलू उपचार से बचने की सलाह दी गई है।
सर्पदंश होने पर क्या करें...
· सर्पदंश की स्थिति में सबसे पहले मरीज को धैर्य बंधाएं और घबराने न दें।
· मरीज को स्थिर रखें तथा दंश वाले स्थान को साफ पानी से धोकर स्वच्छ
कपड़े से ढक दें। मरीज को अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें।
· तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाएं अथवा उपलब्ध साधन से निकटतम शासकीय
अस्पताल पहुंचाएं।
· दंश वाले हिस्से में सूजन आने की संभावना रहती है, इसलिए बेल्ट, घड़ी,
अंगूठी, कंगन या अन्य आभूषण तुरंत उतार दें।
· मरीज को स्ट्रेचर पर बाईं करवट लिटाएं। दाहिना पैर मोड़कर रखें तथा हाथ
से चेहरे को सहारा दें, जिससे सांस लेने में कठिनाई न हो।
· यदि संभव हो तो चिकित्सक को यह जानकारी दें कि किस प्रकार के सांप ने
काटा, घटना कब हुई तथा सांप की पहचान हो सके तो उसकी जानकारी भी
दें। सर्पदंश का प्रभावी उपचार केवल एंटी स्नेक वेनम है, जो शासकीय
चिकित्सालयों में उपलब्ध है।
· अधिकांश मामलों में मृत्यु भय, सदमे या उपचार में देरी के कारण होती है,
इसलिए पीड़ित का मनोबल बढ़ाएं और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं।
सर्पदंश होने पर क्या न करें...
· घबराएं नहीं, सर्पदंश का उपचार संभव है।
· झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या अंधविश्वास का सहारा न लें।
· सांप को मारने या पकड़ने का प्रयास न करें।
· दंश वाले स्थान को न काटें और न ही मुंह से विष चूसने का प्रयास करें।
· दंश वाले स्थान पर कसकर पट्टी न बांधें, बर्फ का प्रयोग न करें तथा
मालिश भी न करें।
· स्वयं दवा या किसी जड़ी-बूटी का उपयोग न करें। केवल चिकित्सकीय
उपचार ही प्रभावी है।
सर्पदंश से बचाव के उपाय...
· बाहर निकलते समय पैरों को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनें।
· रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें तथा हाथ या पैर रखने से पहले स्थान
को अच्छी तरह देख लें।
· फर्श पर न सोएं तथा मच्छरदानी का सही ढंग से उपयोग करें।
· घर एवं आसपास के परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें तथा चूहों
की संख्या नियंत्रित रखें।
सर्पदंश के प्रमुख लक्षण...
· दंश वाले स्थान पर तेज दर्द होना।
· दंश वाले हिस्से में सूजन आना।
· बेहोशी या चक्कर आना।
· पलकों का भारी होना।
· अत्यधिक पसीना आना।
· उल्टी महसूस होना।
· सांस लेने में तकलीफ होना।
· आंखों के सामने धुंधलापन दिखाई देना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिाश्वर ने
नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में समय न गंवाएं और
तत्काल निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर उपचार कराएं। समय पर
इलाज मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
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गुना शहर में दिन के समय भारी मालवाहनों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध
गुना।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा शहर में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 एवं 116 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए गुना नगर क्षेत्र में भारी मालवाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया है।
जारी आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक, जिला गुना के प्रतिवेदन के आधार पर गुना शहर के मुख्य मार्गों पर दिन के समय बड़ी संख्या में भारी मालवाहनों का आवागमन होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे कभी भी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए गुना शहर की सीमा में प्रतिदिन रात्रि 11:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक भारी वाहनों
को प्रवेश पर छूट रहेगी। इसके अतिरिक्त समय में 7.05 टन से अधिक भार क्षमता वाले (लदान रहित) भारी माल वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
उक्त मालवाहन गुना शहर की सीमा में होटल सामसिंघा, मंडीगेट, बीएसएनएल एक्सचेंज से हनुमान चौराह से कैंट रोड होते हुए (अशोकनगर मार्ग को छोड़कर) चिन्ताहरण मंदिर, मारूति शोरूम, भुल्लनपुरा, हड्डीमिल चौराहा, बूढे बालाजी आदि से शहर के भीतर प्रवेश नहीं करेंगे। अशोकनगर की ओर से आने-जाने वाले मालवाहन बिलोनिया बायपास-नानाखेड़ी मंडी गेट-हनुमान चौराहा-कैंट चौराहा मार्ग से ही आवागमन करेंगे तथा प्रतिबंधित समय में नानाखेड़ी मंडी को छोड़कर अन्य आंतरिक मार्गों में प्रवेश नहीं करेंगे।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है। इनमें स्कूल बसें, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के लिए पुस्तक एवं कागज परिवहन करने वाले वाहन, पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी गैस तथा दूध की आपूर्ति करने वाले वाहन (जो शहर में लोडिंग एवं अनलोडिंग के लिए आते हैं) तथा शासकीय कार्यो (निर्वाचन, अस्पताल सेवाओं) सहित अन्य में संलग्न वे भारी वाहन शामिल हैं, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त होगी।
आदेश के अनुसार व्यावसायिक कार्य में संलग्न ट्रैक्टर-ट्रॉली का प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही विशेष परिस्थितियों में किसी भारी वाहन को शहर में प्रवेश की अनुमति उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), गुना द्वारा प्रदान की जा सकेगी।
कलेक्टर ने आदेश में संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि प्रतिबंधित मार्गों के सभी प्रवेश बिंदुओं पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 116 के अंतर्गत स्पष्ट एवं दृश्य सूचना पट्ट लगाए जाएँ तथा आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस की समुचित तैनाती की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है तथा 06 जुलाई 2026 से 05 अगस्त 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
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51.70 ग्राम स्मैक की तस्करी करते दो तस्कर गिरफ्तार, इलेक्ट्रिक स्कूटी एवं मोबाइल जब्त
गुना। थाना राघौगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए स्मैक की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 51.70 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक, तस्करी में प्रयुक्त इलेक्ट्रिक स्कूटी, एक मोबाइल फोन सहित लगभग 11 लाख रुपये मूल्य का मशरूका जप्त किया है ।
गत दिनांक 05 जुलाई 2026 को राघौगढ़ थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति एक इलेक्ट्रिक स्कूटी से आरोन की ओर से धीरपुर होते हुए राघौगढ़ तरफ अवैध स्मैक लेकर आने वाले हैं । थाना क्षेत्र में स्मैक तस्करी की उक्त सूचना को गंभीरता से लेते हुए राघौगढ़ थाने से तत्काल पुलिस की एक टीम तस्करों की तलाश में धीरपुर तालाब के पास पहुंची और मुखबिर के बताए अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटी पर दोंनो संदिग्धों के आते दिखाई देने पर पुलिस टीम द्वारा उन्हें घेराबंदी कर रोक लिया । पूछताछ में उनके द्वारा अपने नाम 1-नीतेश पुत्र सुनील उर्फ बृजेश साहू उम्र 22 साल निवासी ग्राम बारोद हाल आरोन एवं 2-नरेश पुत्र प्रकाश केवट उम्र 34 साल निवासी कुम्हार मौहल्ला आरोन जिला गुना के बताये ।
मुखबिर सूचना के आधार पर उनकी विधिवत तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 51.70 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद हुई । आरोपियों से बरामद स्मैक कीमती करीबन 10 लाख रुपये एवं घटना में प्रयुक्त मोटर इलेक्ट्रिक बाईक कीमती 80 हजार रुपये तथा एक मोबाईल कीमती 20 हजार रूपये सहित कुल करीबन 11 लाख रुपये मूल्य का मशरुका विधिवत जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया । पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बरामद स्मैक उन्होंने शाहिद पुत्र जलील अहमद, निवासी रिजौदा रोड, आरोन से खरीदी थी । आरोपियों के कथनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शाहिद खान को भी प्रकरण में आरोपी शुमार करते हुए तीनों आरोपियों के विरुद्ध राघौगढ थाने में अप.क्र. 175/26 धारा 8/21, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया । पुलिस द्वारा आरोपियों से गहन पूछताछ करते हुए स्मैक तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, संभावित सप्लाई चेन तथा पूरे नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके ।
राघौगढ़ थाना पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय जाट, उपनिरीक्षक हेमेन्द्र सिंह राजपूत, साइबर सेल प्रभारी सउनि महेन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक धीरेन्द्र गुर्जर, आरक्षक अमित जाट, आरक्षक बल्लभ चौहान, आरक्षक रितिक रघुवंशी, आरक्षक रंजीत खटीक, आरक्षक पपेन्द्र रावत तथा थाना आरोन के आरक्षक जितेन्द्र गुर्जर की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही है ।
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साइबर जागरूकता रथ को श्रीमती वासल ने दिखाई हरी झंडी
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्य स्तरीय विशेष साइबर जन-जागरूकता अभियान "सेफ क्लिक 2.0" के अंतर्गत साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने की दिशा में गुना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए साइबर जागरूकता रथ का शुभारंभ किया । पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने पुलिस कार्यालय परिसर से अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।
साइबर जागरूकता रथ का उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाना तथा डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति लोगों को समय रहते सजग करना है । यह रथ गुना शहर के प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध कराएगा ।
रथ के माध्यम से ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी एवं बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड स्कैम तथा अन्य साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा । साथ ही नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने तथा साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा ।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन, डीएसपी यातायात मुकेश कुमार दीक्षित, प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) आनंद राय, रक्षित निरीक्षक श्रीमती पूजा उपाध्याय, यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह, रेडियो प्रभारी निरीक्षक विकास उपाध्याय, सूबेदार स्मृति दोहरे सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।
गुना पुलिस की आमजन से अपील है कि किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड, ओटीपी साझा करने के अनुरोध अथवा ऑनलाइन लेन-देन के दौरान पूरी सतर्कता बरतें । यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े तो बिना विलंब राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस से संपर्क करें ।